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Networks,WEB BROWSER,Internet क्या है हिंदी में


नेटवर्क ( Networks

Networking : जब दो या दो से अधिक computer किसी माध्यम की सहायता से परस्पर संपर्क में हात प्रकार का व्यवस्था computer networking कहलाती है । Computer network मे data एवं informa परस्पर आदान प्रदान हा सकता ह | Computer Network एक उपयोगी प्रणाली है जिसम एक data एव informations का अनक व्यक्ति सामूहिक रूप से एक साथ उपयोग कर सकता का sharing computer Network पर किया जा सकता है । इसी प्रकार Computer devices जसdisk , printer एव microprocessors आदि को भी Computer Network पर share किया जा सकता है ।


Types of Networking :
Networking system Networking connectivitv के आधार पर तीन प्रकार के माने जाते है ।

(1) LAN ( Local area network ) : - यह Network सीमित भौगोलिक क्षेत्र में किया जाता । 1 . यह Networking एक building या campus में स्थित computer को जोड़ने के लिए किया जाता है इसमें computer cable के through जोडा जाता है इसके लिए coaxial cable , fiber optics , thick wire Ethernet का उपयोग किया जाता हैं । वर्तमान में वायरलेस लन भा बनाया जा सकता है | LAN की communication speed बहत अधिक होती हैं । LAN के द्वारा विभिन्न PCs a work stations के मध्य एक दसरे के resources का उपयोग किया जा सकता हा Resources से तात्पर्य hardwae . software a data से है । LAN को आकार के आतरिक्त विभिन्न प्रकार के नेटवर्कस में उनके टासमिशन माध्यम व टोपोलाजी के आधार पर भी बनाया । जा सकता है । सामान्यतः कोई लेन केवल एक ही प्रकार के टासमीशन माध्यम का उपयोग करती है । चकि नेटवर्क में शामिल सभी उपकरण एक व्यवस्था में उपस्थित होते है अतः लेन किसी सस्था में ही स्थापित व नियंत्रित किया जाता हैं । इसलिए इसे हम प्रायवेट डेटा नेटवर्क भी कह सकते हैं ।

(2) MAN ( Metropoline area Network ) : - यह Networkinp LAN से बड़ा पर WAN से छोटा नेटवर्क है । जब किसी शासकीय , व्यापारिक या अन्य संस्था के बहुत से LANS एक ही शहर में सिटीवाइड नेटवर्क बनाने के लिए बहत ही तीव्र गति के बेकबोन से जोड़े गए हों तो इस तरह के नेटवर्क को WAN कहते

(3) WAN ( Wide area Network ) : - यह Nerworking LAN की तरह किसी क्षेत्र तक सीमित नहीं होती है इसे State Zone Country या World lavel पर स्थापित किया जा सकता है । साधारणत : WAN में Computer Terminal आपस में Satellite के thought interconnect किया जाता है | LAN की अपेक्षा WAN की गति धीमी होती है । WAN , को प्रायवेट नेटवर्क या फिर पब्लिक नेटवर्क के रूप में बनाया जा सकता है । प्रायवेट नेटवर्क किसी एक या अधिक आगेनाईजेशन के लिए टेलीफोन लाइन लीज पर लेकर तयार किये जाते हैं । जबकि पब्लिक नेटवर्क सामन्यतः शासकीय टेली कम्युनिकेशन एजेन्सीज के द्वारा बनाये जाते है जिसमे ' टासमीशन व स्विचिंग सुविधाए विभिन्न कापरिशन्स व आगेनाइजेशन्स के द्वारा शेयर है । पब्लिक नेटवर्क्स बहुत अधिक डटा ट्रांसमीशन को सपोर्ट करते हैं व मितव्ययी होते हैं । WAN के उदाहरण है :
a . INDONET . used by CMC
b . ARPANET - used by USDeface
c . NICNET . used by National Informatics Center
d . SBINET used by State Bank of India

[1.] Components of LAN system :- LAN में प्रयुक्त होने वाले विभिन्न components निम्नानुसार है ।
Work Station : Workstation LAN का एक Most Common Components है और Work station एक individual Single user micro computer होता है । जिसमें communication का सुविधा होती है network Operating system से operate होता है । जो इस personal computer से अलग करता है l work station को दो भागों में बांटा गया है ।

[a] Server :- यह एक central computer होता है जो सम्पूर्ण Network को control work station होता है । कुछ LAN में server के रूप में small Minicome के रूप में small Minicomputer या super Micro computer का use किया जाता है यह flr printer के जैसे device के साथ साझा प्रयोग और mail के जैसी सेवाएं प्रदान करने का कार्य करता है server 3 प्रकार के हो सकते है

[ b ] Client या Node :-  यह एक computer होता है , जो Server की सेवाओं का प्रयोग करता है Server से जुड़े प्रत्येक Computer को Client या Node कहा जाता है यह personal use के लिए प्रयुक्त किये जाते है

[ 2 ] Fils Server :-
File Server एक Powerful computer होता है , जो File Server की तरह कार्य करने के लिए special Software run करताहै यह Natwork पर स्थित सभी computer के लिए files save : करता है एक File में Porgram , text या data होता है इसे Network operating system के द्वारा access किया जा सकता है

[ 3 ] Hub : -
यह Network में अलग - अलग computer को एक point में जोड़ने का कार्य करता है वह एक आयताकार बाक्स होता है जिसमें अलग अलग nort होते है इन्ही port में Network से जुड़ने वाले सभी computer को cable जोड़ दिए जाते है यह तीन प्रकार के होते है I
1. Dam hub
2. Intelligent Hub तथा
3. Smart Hub .

[4] Gateway : - 
यह दो अलग - अलग प्रकार के Network को आपस में जोड़ने के लिए Use किया जाता है Gateway एक ऐसा system है जिसमें विशेष प्रकार के Hardware एवंSoftware होते हैं

[5]  Netware : -  
Network में प्रयुक्त किये किये गये computer को operate करने के लिए विशेष प्रकार के operating System का use किया जाता है , जो Networking Support करते है उदारहण के लिए Node Netware , windows NT आदि Networking में use किये जाने वाले Operating system

[6]  Cable : - 
Natwork मेंcomputer आपस में cable के द्वारा जोड़े जाते है इस Bus भी कहा जाता है Lan में निम्न प्रकार के cabls use किया जाता है
( 1 ) - Coaxial Cable
( 2 ) - Fiber optics
( 3 ) . Thick wire Ethernet

Advantage of Lan : -    
(1) Data केElectronic रूप में आदान प्रदान से कार्य प्रणाली में तीव्रता आती है और समय की बचत होती है
(2)  Hardware devices का अनेक computer द्वारा सम्मिलित रूप से उपयोग होता है इसलिए computer में लागत कम आती है
(3) एक Data और सूचना को अने व्यक्ति एक बार में प्राप्त कर सकते है इसे document को आदेश प्रदान करने की आवश्यकता नहीं होती है
(4) यह user के बीच communication की सुविधा प्रदान करता है
(5)  इसके द्वारा Processing को anciently किया जा सकता है

Lan Topology : -  
Computer ' s को आपस में विभिन्न प्रकार से जोड़ा जा सकता है computer को आपस में जोड़ने के इन विभिन्न प्रकारों को ही टोपोलाजी कहा जाता है

(1) Star Network : - इस Network में एक Host computer होता है जिसे सीधे विभिन्न local computers से जोड़ दिया जाता है local computers सीधे आपस में एक दूसरे से नहीं जुड़े है इनको आपसे में Host Computer के द्वारा जोड़ा गया है Host computer द्वारा ही पुरे computer को control किया जाता है

लाभ : -
·         इस नेटवर्क टोपोलॉजी में एक कम्प्यूटर से होस्ट ( Host ) कम्प्यूटर को जोड़ने में लाइन बिछाने की लागत कम आती है
·         इसमें लोकल कम्प्यूटर की संख्या बढ़ाये जाने पर एक कम्प्यूटर से दूसरे कम्प्यूटर पर सूचनाओं के आदान - प्रदान की गति प्रभावित नहीं होती , क्योंकि दो कम्प्युटरों के बीच केवल होस्ट ( Host ) कम्प्यूटर ही होता है
·         यदि कोई लोकल कम्प्यूटर खराब होता है तो शेष नेटवर्क इससे प्रभावित नहीं होता है TEpiwww . computeriope . com

हानिः - 
·         यह पूरा तत्र होस्ट ( Host ) कम्प्यटर पर निर्भर है यटि होस्ट ( Host ) कम्प्यूटर खराब हो जायता पूरा का पूरा नेटवर्क फेल हो जाएगा
( 2 ) Tree Network : -  
इस Network में एक cable से दूसरी cable तथा दसरी cable से तीसरी cable किसी पेड़ की शाखा की तरह आपस में जोड़ा जाता है

लाभ ( Advantages ) :- 
·         प्रत्येक खण्ड ( Segment ) के लिए प्वाइन्ट तार बिछाया जाता है  
·         कई हार्डवेयर तथा साफ्टवेयर विक्रेताओ के दवारा सपोर्ट किया जाता है

हानि ( Disadvantages ) :-   
·         प्रत्येक खण्ड ( Segment ) का कुल लम्बाई प्रयोग में लाये गए तार के दद्वारा सीमित होती है
·         यदि बैकबोन लाइन टूट जाती है तो पूरा खण्ड ( Segment ) रुक जाता
·         अन्य टोपोलॉजी की अपेक्षा इसमें तार बिछाना तथा इसे कन्फीगर ( Configure ) करना कठिन होता है

(3) Ring Network : -
इस Network में कोई Host . मुख्य या controlling computer नहीं होता है सभी computer एक गोलाकार आकति के रूप में लगे होते है प्रत्येक computer अपन अधिनस्थ computer से जड़ा होता है किन्तु इसमें कोई Master Computer नहीं होता है इसे Circular Computer भी कहा जाता है

लाभ : -
·         यह नेटवर्क अधिक कुशलता के साथ कार्य करता है , क्योंकि Rina Topology इसमें कोई होस्ट ( Host ) या कन्ट्रोलिंग कम्प्यूटर नहीं होता
·         यह स्टार से अधिक विश्वसनीय है , क्योंकि यह किसी एक कम्प्यूटर पर निर्भर नहीं होता है
·         इस नेटवर्क की यदि कोई लाइन या कम्प्यूटर कार्य करना बन्द कर दे तो दूसरी दिशा की लाइन के द्वारा काम किया जा सकता है

हानि : - 
    • इसकी गति नेटवर्क में लगे कम्प्यूटरों पर निर्भर करती है यदि कम्प्यूटर कम है होती है और यदि कम्प्यूटरों की संख्या आधिक है तो अनुपात में गति कम होती चली जा
    • यह स्टार नेटवर्क की तुलना में कम प्रचलित है , क्योंकि इस नेटवर्क पर कार्य करने के लिये जटिल सॉफ्टवेयर की आवश्यकता होती है
(4) Completely Connected ( Mesh ) : - 
इस Network में प्रत्येक computer अन्य computer से जुड़े होते है इसमें सभी computer को आपस में जुड़े होने के कारण इसे point to point Networking भी कहा जाता है इसमें data के आदान प्रदान का निर्णय प्रत्येक computer के द्वारा स्वयं किया जाता है

लाभ ( Advantages ) :-
1)      TOData different devices से simulanteously transmit किया जा सकता है high ट्रफिक में भी यह topology better perform कर सकतीहै
2)      इसमें एक नोड डाउन होने पर भी डेटा ट्रांसफर affected नहीं होता क्योकि there is always an alternative present
3)      नेटवर्क की दूसरी nodes को disturb किये बिना ही नेटवर्क Expansion and modification easily किया जा सकता है

 हानि( Disadvantages ) :- 
1)      Network कनेक्शन्स में redundancy के chances ज्यादा होते है
2)      दूसरी topology की तुलना में cost of this network हमेशा high होती है
3)  Set - up and maintenance डिफिकल्ट होता है

(5) टोपोलॉजी ( Bus Topology ) :-  
बस टोपोर्लोजी में एक ही तार ( Cable ) का प्रयोग होता है सभी कम्प्यूटर तथा संयन ( Device ) उस तरह से एक क्रम ( Series ) में जुडे होते हैं तार के प्रारम्भ तथा अंत में एक विशेष प्रकार का संयंत्र लगा होता है जिसे टर्मिनल ( Terminal ) कहते है इसका कार्य संकेतों को एक प्रकार से नियंत्रण में रखता Bus Topology
लामः .-
·         बस टोपोलॉजी को स्थापित करना आसान होता है
·         इसमें स्टार ट्री टोपोलॉजी की तुलना में कम केबिल उपयोग होती है
हानिः
·         किसी एक कम्प्यूटर की खराबी से सारा डाटा संचार रुका जाता है
·         संरचना में किसी नये कम्प्यूटर को जोड़ना अपेक्षाकृत कठिन है

नेटवर्क उपकरण( Network Devices )
इस खण्ड में नेटवर्किंग में उपयोग होने वाले महत्वपूर्ण उपकरणों की जानकारी प्रदान की जा रही है आइये हम देखते है कि नेटवर्क में प्रयुक्त होने वाले विभिन्न उपकरण कौन - कौन से है ? ( What are the different devices used on network ? )

एन . आइ . सी . ( N . I . C . ) एन . आइ . सी NI . C ) का पूर्ण रुप नेटवर्क इन्टरफेस कार्ड होता है नेटवर्क इन्टरफेस कार्ड एक प्रकार का विस्तारण बोर्ड ( expansion board ) होता है जो NIC CARD कम्प्यूटर में प्रविष्ट कर कम्प्यूटर को एक नेटवर्क से जोड़ा जाता है अधिकतर नेटवर्क इन्टरफेस कार्ड एक विशेष प्रकार के नेटवर्क प्रोटोकॉल तथा माध्यम ( Media ) के लिए डिजायन किये जाते हैं हालांकि कुछ कार्ड कई असमान नेटवर्क में भी प्रयोग कये जाते हैं

नेटवर्क ऑपरेटिंग सिस्टम ( NetworkOperating System ) नेटवर्क ऑपरेटिंग सिस्टम को संक्षेप में नॉस ( NOS ) के नाम से जाना जाता है यह एक प्रकार का ऑपरेटिंग सिस्टम है जो लोकल एरिया नेटवर्क से कम्प्यूटर तथा अन्य संयंत्रों ( Devices ) को जोड़ने के लिए कछ विशेष फक्शन रखते हैं ।
कुछ ऑपेरटिग सिस्टम जैसे यनिक्स में नेटवर्किंग फक्शन पहल सविधा होते हैं । नेटवर्क ऑपरेटिंग सिस्टम शब्द का प्रयोग आमतौर पर एक जैसे सॉफ्टवेयर के लिए किया जाता है बनियादी ऑपरेटिंग सिस्टम में नेटवर्किंग लक्षणों को जोड़ता है । माइक्रोसॉफ्ट विण्डोज सर्वर तथा वा एन . टी . इसके उदाहरण हैं ।

ब्रिज ( Bridge ) इसके माध्यम से दो लोकल एरिया नेटवर्क को तभी आपस में जोड़ा जा सकता है जब उनके सॉफ्टवयर एक ही प्रकार के हो तथा कम्प्यूटर अलग अलग तरह के हों । एक बार जब ब्रिज के माध्यम से दो लेनी को आपस में पोर्ट के माध्यम से जोड़ दिया जाता है तो । विभिन्न डिवाइसेस आपस में आसानी से जड जाती है । ब्रिज मख्यतः डाटालिंक । स्तर पर कार्य करता है । नोड्स की संख्या जब अधिक होती है तब डाटा हस्तातरण की गति कम हो जाती है , इसका एक समाधान ब्रिज होता है जिसके द्वारा अलग - अलग लनों को आपस में जोड़ दिया जाता है ।

हब ( Hub ) यह नेटवर्क में अलग - अलग कम्प्यूटर में तारों को एक साझा बिन्द से जोड़ने का कार्य करती है । दूसरे शब्दा । में स्टार नेटवर्क में यह केन्द्रीय नियंत्रण उपकरण है । यह एक आयताकार बॉक्स होता है जिसमें प्लग लगाने के लिए अनेक छिद्र होते हैं , जिन्हें पोर्ट । कहते है । इन्हीं पोट में नेटवर्क से जुड़ने वाले सभी कम्प्यूटर के तार जोड़ । दिये जाते हैं । यह मुख्यतः तीन प्रकार के - डम ( Dumb ) हब इन्टैलीजैन्ट ( Intelligent ) हब तथा स्मार्ट ( Smarn ) हब होते हैं ।
रुटर्स ( Routers ) इनका प्रयोग तब किया जाता है जब अत्यन्त जटिल नेटवर्कों को आपस में जोड़ना होता है । उदाहरण के लिये - इन्टरनेट प्रोटोकॉल । इसके माध्यम से यदि डाटा भेजना है तो एक जैसे प्रोटोकॉल का होना आवश्यक है । रुटर , कम्प्युटर व उनमें स्थित सॉफ्टवेयर भिन्न । - भिन्न होने पर भी कार्य कर सकते हैं । यह ब्रिज की अपेक्षा अच्छा कार्य करता है । यह डाटा हस्तातरण के लिए छोटे रास्तों का चयन करता है जिससे कम से कम । समय में अधिक कार्य हो सके ।

रिपीटर ( Repeater ) जब सूचनाओं के संकेत एक स्थान से दूसके स्थान पर भेजे जाते हैं तो संकेत कमजोर पड़ जाते हैं । उन्हें परिवर्तित करने के लिए रिपीटर का प्रयोग करते हैं । एक नेटवर्क से प्राप्त संकेत रिपीटर द्वारा दूसरे नेटवर्क को भेजे जाते हैं । यह संकेत डाटा या आवाज के रूप में हो सकते हैं । रिपीटर मुख्यतः बिट स्तर पर कार्य करता है । रिपीटर दो नेटवर्क के मध्य तभी कार्य कर सकता है जब दोनों नेटवर्क की कार्यप्रणाली एक जसी हो . अर्थात कम्प्यूटर व उसमें स्थित सॉफ्टवेयर एक जैसे हो ।

गेटवे ( Gateway ) इसकी कार्यप्रणाली रुटर्स से भी उच्च स्तर की होती है । यह दा अलग प्रकार के नटवर्को की भी आपस में जोड सकता है । यदि आपके पास ऐसा नेटवर्क है जिसक अलग - अलग कई खण्ड है , जैसे एक आपके पास यूनिक्स सिस्टम है और दूसरा डॉस का , तब इनके बीच नेटवर्किंग के लिये गेटवे का प्रयोग होता एक ऐसा सिस्टम है जिसमें विशेष प्रकार के हार्डवेयर व सॉफ्टवेयर होते हैं ।

Internet : -
सपर्ण World में स्थित अलग - अलग computer local area network , तथा Wide network को आपस में जोडने वाला तत्र Internet कहलाता हा सामान्य भाषा में विश्वव्यापी Internet कहा जाता है ।

Services on Internet : Internet पर निम्न सुविधाए उपलब्ध है । इसे Category wise divide किया जा सकता है ।

[1] Communication :-
Internet दनिया के किसी भी एक computer से दूसरे computer में massage भेजने की सविधा प्रदान करता है ।


[a] Electronic Mail : -Internet दुनियाके किसी भी एक computer से दूसरे computer में massage भेजने की सुविधा प्रदान करता है

[b] Telnet : - इसके द्वारा दुनिया के किसी भी हिस्से में स्थित computer पर कार्य करने की  सुविधा प्राप्त होती है

[c] Usenet : - यह एक ऐसा Network है , जो किसी user को विभिन्न समुहों से सलाह करने में सहायता प्रदान करता है यह विभिन्न न्यूज ग्रुप का एक ऐसा समुह है जो सुचनाए एकत्र करने में भी सहायक होता

[d] Chat : - Internet Online Chatting सुविधा प्रदान करता है Chatting के द्वारा कोई व्यक्ति computer के माध्यम से दूसरे व्यक्ति से बात कर सकता है

[2]  File Access : - FTP - इसके द्वारा अन्य computer पर file send या receive करने की सुविधा प्रदान की जाती है

[3]  Search Engines : - यह एक program है , जो web nage के माध्यम से web site ढूंढने में मदद करता है एक तरह से search engines Location की list प्रदर्शित करता है , जो हमारे parameter के हिसाब से मिलती जुलती हा अन्य शब्दों में search engine एक प्रकार का web browser है जा key word के द्वारा web site search करता है बा

[4] www : - Word Wide Web एक प्रकार का database है . जो पुरे world में फैला हुआ है | user इसी के माध्यम से सूचनाओं को प्राप्त करता है इसमें user के द्वारा सूचनाओं से सुवधिा शीर्षक दिया जाता है उस शीर्षक से संबंधित सभी सूचनाओं का वह उपयोग कर सकता है www के द्वारा music . picture आदि सभी संग्रहित कर Internet user के लिए उपलब्ध कराए जा सकते है Web site पर उपलब्ध प्रथम पेज को Home Page कहा जाता है इस Home Page के Internet address को Url [ Universal Resource Locator के नाम से जाना जाता है www के अंतर्गत निर्मित किया गया Home Page Hyper media technology के आधार पर निर्मित किया जाता है जब कोई Internet user किसी www site का चयन कर उसे Link करता है . wwwउसे वांछित www Server से जोड़ कर उस site का Home page screen पर उपलब्ध करा देता है wwwसे हर प्रकार की सूचना या सामाग्री प्राप्त करने के लिए पर्याप्त क्षमता का computer Hardware एवं उपलब्ध Software web Browser होना चाहिए

WEB BROWSER





यह एक ऐसा Program है जिसका प्रयोग Internet पर उपलब्ध सुविधाओ तथा क्षेत्रो को world wide web के माध्यम से access करने में किया जाता है Web Browser एक www client application है जिसका use hyper text document तथा web पर उपलब्ध अन्य HTML प्रलेखो को Line के माध्यम से प्राप्त करने में किया जाता है www सेinformation प्राप्तकरने के लिए यह आवश्यक नहीं है कि एक ही जैसा Web Browser use किया जावे कुछ प्रचलित Web Browser निम्न है

[ 1 ] Internet Explorer : यह Windows पर आधारित Web Browser है . यह एक stand alone web browser है जो internet connection के साथ कार्य करता है

[ 2 ] Netscape Navigator :दिन एक वातावरण पर कार्य करता है यह अन्य Browser की अपेक्षा information जल्दी access a display करता है

[ 3 ] Moosic : भी Browser है जो windows environment पर कार्य करता है यह win 95 win98 का client program है , जिस TCP / IP Network के लिए use किया जाता है

[ 4 ] Lynne : एक Test based www web browser है . जो unix os के अंतर्गत कार्य करता है

[5] Google Chrome : नैन बाउजर है यह गूगल का प्रोडक्ट है यह सभी लोगों के लिए बिलकुल मुफ्त है यह सभी प्लेटफार्म पर नहत अच्छे से काम करता है जैसे : मोबाइल , कम्प्यूटर , टेबलेट इत्यादि यह इन्टरनेट पर कोई भी कर करने और गूगल पर सर्च करने के काम में इस्तेमाल होता है | इस ब्राउजर को लोगो सबसे ज्यादा उपयोग करते हैं यानि इस ब्राउजर का यानि इस ब्राउज़र का उपयोग करने वाले यूजर की संख्या सबसे ज्यादा है


SEARCH ENGINES
यह एक programm है , जो web page के माध्यम से website दंढने में मदद करता है एक तरह से search engines Location की list प्रदर्शित करता है जो हमारे parameter के हिसाब मिलती जुलता हा अन्य शब्दों मे search engine एक प्रकार का web browser है जो key word कटारा web site search करता हा Search engin के माध्यम से information प्राप्त करना अत्यत सरल है किसा भी नई web site का URL ( address ) search engine के पास जमा किया जाता है तथा web site का inept page पर Keyword का निर्माण किया जाता है कछ search engine का एक निश्चित फामेट हाता है . जिसमे key word Type किया जाता है तथा कुछ search engine में URL addres type करना होता है जिससे वह संबंधित web site का address प्रदान करता है कुछ प्रचलित seach engine निम्न है

[1] www.Yahoo.com.www.Google.com : उक्त दाना चतमान में सवाधिक प्रचलित search engine हैं इन sites को connect कर इसके विकल्पा का प्रयोग कर web site search किया जा सकता है

[2] Gopher : Gopher भीwww की बहुत ही Internet से वांछित file या document प्राप्त करने का एक साधन wwwजहाँ Hyper text पर आधारित है . वहीं Gopher पूर्णतः menu driven System हे | Gophe के द्वारा जैसे ही हम किसी Gopher आधारित intermet site संबंधित एक menu screen पर प्राप्त होता है इस menu पर उपलब्ध विकल्पों में से वांछित विकल्प का चयनकर हम वांछित है information प्राप्त कर सकते है

[ 3 ] Archie ' s : Archie ' s एक program है जिसकी सहायता से किसी भी फाईल उस फाईल के Host computer का internet पता प्राप्त किया जा सकता है Archie ' s का विकास कनाडा के montnal city के mcgill university के Archie ' s group द्वारा किया गया था फाईल की सूचि store करके रखता है user को आवश्यकतानुसार उन iles की प्राप्ति site काaddress उपलब्ध कराता है Telnet Telnet word terminal emulation over network का वाछित रूप है

Telent
यहinternet सविधा है जो कि एक कम्प्यूटर यूजर के अन्यत्र कार्य करने का अनुमति प्रदान करता है जब हम internet से connected computer पर काम रहे होते है . तब हम लाखा कम्प्यूटर वाले Network के साथ जडे हुए होते है | Network है इस प्रकार तैयार किया जाता है कि यूजर जो कि computer के द्वारा Networkसे जुड़ा हुआ है वह किसी भी अन्य computer के द्वारा Network से जुड़ा हुआ है वह किसी भी अन्य computer जो कि Network से जुड़ा है के साथ सूचना का आदान प्रदान कर सकता है , तथा किसी भी program को उस computer पर run कर सकता है यदि user internet के साथ सीधे जुड़ा हुआ है तथा उसके computer पर Telnet भी उपलब्ध है और वह दूसरे computer से संबंध स्थापित करना चाहता है तो वह password तथा Login के पश्चात उस पर access कर सकता है Telnet के द्वारा किसी या computer पर Telnet Type करके तथा उसके बाद domain name या internet addrece बाद enter key press कर उस file के साथ जुड़ सकते है

FTTP FILE TRANSFER PROTOCOL Internet file
एकcomputer से दूसर computer पर भेजने या copy करने के लिए service use की जाती है जिसे FTP [ File transfer protocol ] कहते है FTP एक एसी है जिसके द्वारा file आसानी से तथा जल्दी copy किया जा सकता है यह तकनीक ज्यादा प्रभावी यदि हम उस File का नाम declare name तथा उस computer internet name को जानते है ETD के इस निम्न प्रकार के file Transfer किया जा सकता है

[a] Connecting to an Anonymous FTP site and retrieving file : Anonymous FTP एसी files copy करन मदद करता है जो दूसरी site उपलब्ध टोली - anonymous मालय है FTP Archive कहते है हमारे कम्प्यूटर पर जा Program run होता है उसे client करने FTp site कहते है File समूह को जो उस site भाषा ( High level है तथा remote system पर जो FTP Program run होता है उसे server कहत है । इसमें FTP client scrver technique का use करता है ।

[b] FTP File type : जब हम FTP Section में File Transfer करते है तो वे File दो mode [ i ] ASCLL या iil Binary mode में Transfer होती है । ASCLL mode में File Ascll format में होती है तथा Binary mode file Binary format में होती है ।

[c] E - mail Access to FTP : FTP site e - mail के द्वारा access किया जा सकता है । हम e - mail जिसके FTP command होता है । उसे एसे intermet address पर भेजा जाता है , जो एक computer program है । यह प्राप्त e - mail का । rresponse वापस e - mail के रूप में भेजता है ।

Internet & Web Security
जैसा कि internet सभी के लिए open है । अतः security privacy authenticity आदि का व्यापक महत्व है । Internet Security को दो broad category में divide किया जा सकता है

[i] Client Server Seeurity : यह Security data base एव अन्य confidential information में user के ही information access करने । की अनुमति प्रदत्त करता है । Password protection encrypted smart card biometrics fire mail आदि । कुछ client server security method है ।

[ii| Date & Transaction Security : Network date & transaction और Transaction होता है । अतः यह संभव है कि Transaction के समय data read या manipulation कर लिया जाए । इसे रोकने के लिए Data Truncation Security Provide कराई जाती है जिसे date encryption method द्वारा किया जाता है । कछ Popular security method | निम्नानुसार है

[a] Password schemes : Password सबसे पुरानी data / information security के लिए प्रयुक्त होने वाली युक्ति है । इसके अतर्गत किसी भी user को अपना पूर्व निर्धारित password capture के Keyword द्वारा System के पूछे जाने पर Type करना होता है । password नहीं होने पर ही user access कर सकता है ।

[b] Biometric Security : Biometrics automatic method के द्वारा व्यक्ति की पहचान करता है । इसके अंतर्गत व्यक्तियों को उसके । व्यवहारिक गुणों भौतिक शारीरिक संरचना जैसे उंगलियों के निशान हथेलियों का आकार हस्तलिपि आवाज . आख आदि के आधार पर पहचना जाता है ।

[c] Firewalls : Firewall लक्ष्मण रेखा के समान Internet और संस्थान के Netware में मध्य सरक्षा दायरा होती है । यह मुलत software . Hardware या software Hardware दोनों की मिली जूली व्यवस्था होती है जो कि सिर्फ उन्ही बाहरी Intermet user को website या computer से जुड़ने की अनुमति देती है , जिनमें कि एक पूर्ण निर्धारण विशिष्ट गण हो । सामान्तः Firewal बाहय Internet user के user name password internet protocal . TP address तथा domain name के आधार पर user के website या computer से जड़ने की प्रक्रिया के control करता है , लेकिन यह Internet user पर किसी प्रकार का नियंत्रण नहीं रखता है ।

Types of Firewall : Internet अपना e - commerce के अंतर्गत विभिन्न स्तरों पर सुरक्षा के लिए अनेक प्रकार की Firwall use की जाती है । Firewall के प्रमुख प्रकार निम्न है :

[1] Traffic Reconciling Firewall systems : यह firewall internet से user को आने व जाने वाले पूरे traffic के वितरण को एक file में record करती है । इस माल को sudit cop file के नाम से जाना जाता है । इस file में website name . date time देखी गई । Tile name आदि store किया जाता है । इस प्रकार की firewall का प्रमुख कार्य बाहय internet user को । सेकना नहीं होता यह उनकी गतिविधियों की निगरानी तथा vicbsite पर आने वाले Traffic के विश्लेषण के लिए use की जाती है ।

[II] - Internet Protocol Packet Scenery Protect : यह Firewall internet से user network या website पर आने वाले समस्त IP packet को access को रोकने के लिए उपलब्ध नियमों के अनुसार आने वाले IP packet को check करता है तथा नियमों को संतुष्ट करने वाले IP paket को ही संस्थान के Network तक जाने देती है तथा शेष IP Packet ' s वापस कर देता है ।

[III] Harland Firewall Host : अपेक्षाकत एक उन्नत Firewall System है जो सामान्य से अधिक सुरक्षा के लिए use की जाती है । इस प्रकार की Firewall External अथवा Internal Internet user को अपने उपर संस्थापित कर विशेष Program से जड़ने को विवश करता है । इससे सफलतापूर्वक जुड़ने के दाद user network में access कर सकता है ।

[iv] Proxy Application Getaway : कभी - कभी संस्थान के Network तथा external intemet कमध्य proxy server स्थापित कर FANT निर्मित किये जाते है । ऐसे computer जो proxy sever के प में use किये जाते है । Application Getaway कहलाते है । इसके अंतर्गत जब कोई internet user सस्थान के Network से सम्पर्क करता Network ससम्पक करना चाहता है , जब वह Proxv से सम्पर्क करता है तथा Proxy सस्थान कcomputer से सम्पर्क करता है । इस कार संस्थान का कोई Internal computer Internet से सम्पर्क करना हता है । तब वह वह proxy से सम्पर्क करता है और Proxy external computer से सम्पर्क करता है ।

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