poster



डाटा , सूचना तथा जानकारी ( Data , Information and Knowledge )


डाटा , सूचना तथा जानकारी ( Data , Information and Knowledge )

Data : , Computer की भाषा में Data सूचनाओं , तथ्य तथा आकड़ों का संग्रह होता जिसको । र अक्षरों या अको का समूह जैसे नाम , मोबाइल चिन्ह इभेज . साउड , विडियो आदि के रूप में होता हा जस किसा व्यक्ति , वस्तु स्थान , Informरखा रूप है । डाटा को संकालारी प्राप्त होती है इस उदाहरण के लिए स्थित किया जाये अशोक Data : Computer की भाषा में Data सूचनाआ , तर द्वारा प्रोसेस कर जरूरी जानकारी प्राप्त की जात जन्म तिथि एव चिन्ह इमेज . साउड , विडियो नाम , जन्म तिथि , फोटोग्राफ आदि डाटा के उदाहरण हा का व्यवस्थित , संकलित सुधरा हुआ तथा

Information : अर्थपूर्ण डाटा को सुचना कहते है । सूचना डाटा प्रोसेसिंग कहलाता है । डाटा पर प्रोसेसिंग होने के बाद जो अर्थपूर्ण जानकारी बाद जो अर्थपूर्ण जानकारी प्राप्त होती है उसे सूचना कहते हैं ।
data कोई अर्थपूर्ण जानकारी देने में सछम नहीं है l उदाहरण के लिए ' अशोक ' . 23 , रायपुर आदि डाटा कोई अर्थपूर्ण जानकारी देने में सक्षम नहीं है । उदाहरण क डाटा है , जिनसे कुछ जानहारी प्राप्त नही हो रहा है कि इस की उम्र 23 वर्ष है वह रायपर में रता है तो यह अर्थ पर्ण डाटा सुचना बन जाता है । किसी विद्यार्थी के कों की औसत से विद्यार्थी के परिणाम की गणना होगी विभिन्न विषयों के प्राप्तांक डाटा कहलायेंगे तथा प्राप्तांकों का आसत साप अतः औसत प्राप्तांक सूचना कहलायेगा ।



 



Knowledge : सुचना के किसी विशेष सदर्भ में उपयोग से जानकारी प्राप्त होती है । जानकारी सचना का युग्मित , चयनित , विश्लेषित . परिवर्तित रूप है । उदाहरण के लिए किसी बच्चे से संबंधित सभी सूचनाओं को एकत्रित कर यदि डाक्टर बच्चे की लिए कोई चिकित्सकीय विवरण लिखता है तो यह जानकारी कहलाएगा ।
डाटा पर प्रक्रिया ( Processing ) होने के बाद सूचना ( Information ) में परिवर्तित हो जाता है । इस प्रकार डाटा ( Data ) , सूचना ( Information ) का आधार है । सूचना , जानकारी ( Knowledge ) को बढ़ाती है इसलिए जानकारी का आधार सूचना होती है । अतः डाटा , सूचना , और जानकारी परस्पर निर्भर है ।

Characteristies of Information : सूचना के गुण सूचना किसी प्रणाली ( System ) के लिए अति आवश्यक कारक है । अर्थपूर्णता , विस्मयकारी तत्व , पूर्व जानकारी से सहमति , पूर्व जानकारी में सुधार , संक्षिप्तता , शुद्धता , समयबद्धता , कार्य सम्पादन में सहायक गुण ( Qualities ) सूचना ( Infromation ) में होने चाहिए ।

अर्थपूर्णता ( Meaningfulness ): जिस समस्या के समाधान के लिए हम सूचना एकत्र कर रहे हैं सचना उससे सम्बद्ध होनी चाहिए । उदाहरणार्थ यदि हम विवाह के लिए वधू ( Bride ) खोज रहे हैं तो किसी वर ( Bridegroom ) के बारे में सूचना लेना व्यर्थ है ।

विस्मयकारी तत्व ( Surprising Element ): सचना में अप्रत्यासित स्थिति की भी जानकारी होनी चाहिए जिससे उस अप्रत्याशित स्थितिमा समस्या का हल किया जा सके । उदाहरणार्थ - यदि किसी गुप्तचर विभाग में कार्यरत एक कर्मचारी गुप्त सचनाओं को विभाग से चोरी करता है तो ऐसे कर्मचारी को विभाग से शाघ निकलना अति आवश्यक है । यदि विभाग एस कर्मचारी के बारम कोई सूचना नहीं है तो विभाग के कार्य में बाधा आयेगी । अतः विभाग - या आयगा । अतः विभाग की सूचनाओं में ऐसी अप्रत्याशित स्थिति की भी जानकारी होना आवश्यक है ।

पर्व जानकारी से सहमति ( Conformity with Previous Knowledge ) : सचना में यदि कोई अचानक बदलाव आय और यह बदलाव पूर्व जानकारी ( Previous knowledge के अनरुप न हो तो इस प्रकार का सूचना हमें गुमराह ( Mislead ) कर सकती है । पर्य जानकारी में सुधार ( Correction to Previous Knowledge ) किसी एकत्रित की गई सूचना में पूर्व में एकत्रित सूचना की तुलना में कमी या परिवर्तन हो त यातत रुप नहीं होनी चाहिए । सूचना में नवीनार ( Modification ) या सुधार तो हो सकता है लेकिन यह अप सधार तो हो सकता है लेकिन यह अप्रत्याशित नहीं होनी चाहिए ।

संक्षिप्तता ( Brevity ) : किसी विस्तृत विवरण में महत्वपूर्ण सूचना के साथ व्यर्थ का डाटा ( Data ) अनुपयोगी होता है । सूचना में से आवश्यक मदों ( Items ) को निकालने में प्रबंधकों ( Managers ) को समस्या आती है । आजकल प्रबंधकों TManagers ) को संक्षिप्त सूचना की आवश्यकता होती है जिसमें केवल कल्पित योजना की गतिविधियों से सम्बद्ध डाटा ( Data ) पर ही प्रकाश डाला गया हो ।

शुद्धता ( Accuracy ): पूर्ण सूचना में से सही ( Correct ) सूचना के अनुपात से सूचना की शुद्धता का पता चलता है । यदि हम किसी सूचना की 100 मदें ( Items ) प्राप्त करते है और उसमें से 85 मदें ही वास्तविक स्थिति का ब्यौरा ( Report ) दे पाती हैं । तो इस सूचना की शुद्धता का स्तर ( Accuracy level ) 85 प्रतिशत है । यह स्तर कुछ परिस्थितियों में तो स्वीकार्य होता है । जैसे चुनाव में विभिन्न दलों की सीटों की संख्या का अंदाजा लगाना । लेकिन एक बैंक द्वारा उपभोक्ताओं को भेजे जाने वाले ब्यौरे के उदाहरण पर हम ध्यान दें तो यह ब्यौरा 100 प्रतिशत शुद्ध होना चाहिए अन्यथा बैंक की साख गिर जायेगी । अत सूचना जहाँ तक सभव हो शुद्ध होना चाहिए ।

समयबद्धता ( Timeliness ): किसी रोगी की मृत्यु के बाद डॉक्टर को उसकी गम्भीर स्थिति की सूचना भेजना महत्वहीन है । इसी प्रकार किसी प्रबंधक को विलंब से सूचना देना अनुपयोगी है क्योंकि इससे वह समय पर कार्य सपन्न नहीं करा पायेगा । अत कार्य के ठीक समय पर क्रियान्वयन के लिये सूचना में समयबद्धता ( Timeliness ) का गुण होना आवश्यक है ।

कार्य सम्पादन में सहायक ( Action Oriented ) : अधिकतर प्रबंधकों को सही समय पर शुद्ध ( accurate ) सूचना पहुँचती है लेकिन अगर वह अधूरी होती है तो सही निर्णय लेने में उन्हें परेशानी आती है । इस प्रकार सूचना पर्याप्त होनी चाहिए जिससे प्रबंधक इसके द्वारा सही निर्णय लेकर कार्य को संपादित करा सकें ।

प्रोग्रामिंग भाषा ( Programming Language ) : प्रोग्रामिंग भाषा एक कृत्रिम भाषा होती है , जैसे हम एक दूसरे से बातचीत करते हैं उसी प्रकार कप्यूटर या मशीन को किसी कार्य को करने का निर्देश देने के लिए " कंप्यूटर प्रोग्रामिंग भाषा " की आवश्यकता होती है इसे Computer Language ( कंप्यूटर भाषा ) भी कहते हैं जिसे कम्प्युटर के विद्वानों ने कम्प्यूटर पर एप्लीकेशनों को विकसित करने के लिए डिजायन किया है । पारम्परिक भाषा की तरह ही प्रोग्रामिंग भाषाओं के अपने व्याकरण होते हैं इसमें भी वर्ण , शब्द , वाक्य इत्यादि होते हैं ।
            प्रोग्रामिंग भाषाओं का उपयोग सूचना का बोध कराने एवं परिचालन करने संबंधी कार्य के बारे में संवाद स्थापित करने में सहायता देने में तथा अल्गोरिद्म को ठीक - ठीक व्यक्त करने में होता है । हजारों विभिन्न प्रोग्रामिंग भाषाएं निर्मित की गई है तथा प्रत्येक वर्ष कुछ भाषाओं का प्रादुर्भाव होता है । बेसिक , कोबोल , पास्कल , सी , सी प्लस प्लस . जावा जैसे कई भाषाएं उपयोगकर्ताओं के द्वारा विभिन्न प्रकार के एप्लीकेशनों को विकसित करने में उपयोग किया जा रहा है ।

Post a Comment

0 Comments