तो आइये दोस्तों आज हम जानते है कि computer की कितनी पीढ़ी होती है, computer को किन -किन आधारों पर कितने generations में बांटा गया है l
विशेषताएं एवं क्षमताएं :-
2 . Second Generation 1950 से 1960 :-
विशेषताएं एवं क्षमताएं :-
3. Third Generation 1960 से 1970 :-
विशेषताएं एवं क्षमताएं :-
4. Fourth Generation 1970 से अभी तक :-
5 . Fifth Generation :-
Computer को उसमें प्रयुक्त तकनीक के आधार पर पांच पीढीयों में बाटा जा सकता है । प्रत्येक Com के मूलभूत सिद्धांत व उसके किसी भाग की नवीन रूप विकसित होने पर एक नई पीढ़ी की शुरूवात होती है :-
Sn. | Generation | Year | Electronic component | example of component | Language |
1 | First Generation | 1950 's | Electronic Valves | Eniac,Edvac | Machin language |
2 | Second generation | 1950_1960 | Transistor | Ibm 7000, pdp 1 | Assembly language |
3 | Third generation | 1960_1970 | IC | Ibm 370, pdp 2 | High level language |
4 | Fourth generation | 1970-Till now | Vlsic | Pentium Pc | 4G language |
5 | First Generation | ……… | Artificial inteligence | Under development | Natural language |
1 . First Generation 1950 तक :-
इसGeneration केComputer कोVacuum Tube ( Electronic Valve ) से बनाया गया था । इस समय के Computer का आकार बहुत बड़ा होता था । ENIAC , UNIVAC आदि इस Generation के Computer के उदाहरण हैं ।
विशेषताएं एवं क्षमताएं :-
1 . इसके सी . पी . यू . में Vacuum Tube का प्रयोग होता था ।
2 . Main memory के लिए Magnetic drum का एवं Secondary memory के लिए Magnetic Tap का प्रयोग किया जाता था ।
3 . Input एव output के लिए punch card का use किया जाता था ।
4 . Programming के लिए Machine तथा Assembly language का use किया जाता था ।
5 . उसका आकार बहुत बड़ा था ।
6 . Vacuum Tube से बहुत अधिक उष्मा का उत्सर्जन होता था जिससे बहुत अधिक उर्जा की आवश्यकता होती थी ।
7 . अत्यधिक मंहगे होने के कारण व्यावसायिक उत्पादन कठिन था ।
8 . सीमित क्षेत्रों में इसका उपयोग हो सकता था ।
2 . Second Generation 1950 से 1960 :-
इसGeneration केComputer मेंVacuum Tube के स्थान पर Transistor का प्रयोग किया जाने लगा । Transistor का कार्य Vacuum Tube के समान था लेकिन इसकी कार्य करने की गति अधिक थी तथा यह आकार में छोटा व अधिक विश्वसनीय था । उदा IBM 1620 , PDPI etc .
विशेषताएं एवं क्षमताएं :-
1 . Transistor का use करने पर Compute का आकार बहुत छोटा हो गया ।
2 Main memory के लिए Magnetic Core का एवं Secondary memory के लिए Magnetic Tap एवं Magnetic disk का प्रयोग किया जाता था ।
3 . Input एवं output के लिए punch card का use किया जाता था ।
4 . Programming के लिए Assembly तथा High level language जैसे FORTRAN , COBOL , BASIC का use किया जाता था ।
5 . आकार छोटा होने के कारण व्यावसायिक उत्पादन संभव हो सका ।
6 . इसे कार्य करने के लिए Air Conditioner की आवश्कता होती थी ।
3. Third Generation 1960 से 1970 :-
इस Generation के Computer में Integrated Circuit ( IC ) का use किया जाने लगा । एक IC में हजारों सर्किट एक छोटे से माइको चिप में बनाए जा सकते हैं । IC use करने पर Computer का आकार बहुत ही छोटा हो गया एवं Computer विश्वसनीय हो गये । उदा IBM 307 , PDP2 etc .
विशेषताएं एवं क्षमताएं :-
1 . Compute का आकार बहुत छोटा हो गया एवं व्यवसायिक उत्पादन प्रारंभ हुआ ।
2 . Main memory के लिए Semiconductor का एवं Secondary memory के लिए Magnetic disk का प्रयोग किया जाता था ।
3 . Input के लिए key board , mouse आदि एवं output के लिए VDU का use किया जाता था ।
4 . Computer की सभी कियाओं को नियत्रित करने के लिए आपरेटिंग सिस्टम बनाया गया ।
5 . User के आवश्यकताओं के लिए विभिन्न Software का निर्माण किया गया ।
4. Fourth Generation 1970 से अभी तक :-
इस Generation के Computer में Very Large Scal Integrated Circuit ( VLSIC ) का use किया जाने लगा । इस Technique में एक इंच के चौथाई भाग में लगभग 3 लाख Transistor के बराबर सर्किट बनाना संभव हो गया । अत : Computer के सम्पूर्ण CPU को एक छोटे से chip में बनाया जा सका । इस चिप को microprocessor कहा जाने लगा एवं microprocessor युक्त Computer को Micro Computer कहा जाने लगा ।
विशेषताएं एवं क्षमताए :-
विशेषताएं एवं क्षमताए :-
1 . Compute का आकार और छोटा हो गया ।
2 . Main memory के लिए SemiconductorChip का एवं Secondary memory के लिए एवं High Speed Magnetic disk एवं CD का प्रयोग किया जाता है ।
3 Input के लिए keyboard , mouse आदि एवं output के लिए Monier एवं printer आदि का use किया जाता है ।
4 . Software का क्षेत्र व्यापक हो गया एवं इसका तीवता से विकास हुआ ।
5 . Fifth Generation :-
पाचवी पीढी के Compter की निर्माण की प्रकीया जारी है । इस पीढी के Computer में सोचने समझने की क्षमता पैदा की जा रही है । Computer को सभी क्षेत्रों में कार्य कर सकने योग्य बनाया जा रहा है


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